जनमित्र फेलोशिप

भारतीय संविधान की उद्देशिका में कुछ बुनियादी मूल्यों का उल्लेख किया है। ये मूल्य हैं – बंधुता, व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, राजनीतिक न्याय और समानता। इसके साथ ही व्यवस्था को लोकतांत्रिक और समाजवादी बनाया गया है। हमारा मानना है इन मूल्यों का महत्व केवल सरकार या न्यायपालिका तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये निजी और सार्वजनिक जीवन के भी मूल्य हैं। जनमित्र फेलोशिप इन मूल्यों को व्यावहारिक रूप से समझने और अभ्यास को प्रोत्साहित करने का माध्यम है।

यदि आप उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के निवासी हैं, अपने क्षेत्र में कार्य करने के इच्‍छुक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं और आप …

  • वैज्ञानिक, समावेशी और पंथ निरपेक्ष चिंतन परंपरा और संवैधानिक मूल्‍यों में भरोसा रख कर सामाजिक कार्य करते हैं…
  • अपने सामाजिक कार्य को मूल्‍यपरक दृष्टि तथा शोधपूर्ण आधार देते हैं…
  • स्‍वयं में बतौर भारतीय नागरिक आत्‍मबोध और चेतना रखते हैं…
  • समाधान की दिशा में कार्य करते हैं…

… तो यह फेलोशिप आपके लिए हैं। 

जनमित्र फेलोशिप क्‍या और क्‍यों?

दिशा सामाजिक संगठन पिछले चार दशकों से अधिक समय से असमानता विहीन समाज की स्थापना के लिए प्रयासरत है। हमारा मानना है कि किसी भी व्‍यक्ति की सोच, दृष्टिकोण और कार्य व्‍यवहार स्‍वयं उसे, उसके परिवार तथा आसपास के समाज को प्रभावित करता है। जनमित्र फेलोशिप एक ऐसी पहल है जिसके अंतर्गत दिशा सामाजिक संगठन युवा सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहभागिता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस पहल के अंतर्गत भारतीय सामाजिक व्यवस्था की संरचना, समानता और गरिमा के लक्ष्य को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियाँ, भारतीय संविधान के इतिहास और उसके मूल्य, नागरिक नेतृत्व के अर्थ और गुण पर सत्र शामिल होंगे। इसके साथ ही युवा सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच बेहतरी के लिए बदलाव के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने और उसे लागू करने के लिए मेंटरिंग की जाएगी।

इस फेलोशिप में अपेक्षा की जा रही है कि युवा सामाजिक कार्यकर्ता अपने कार्य में कुशल होने के साथ ही बंधुता, न्याय, व्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा जैसे संवैधानिक मूल्यों के पालन के प्रति कटिबद्ध हों। वे बाह्य परिवर्तन के स्‍थूल लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के प्रयासों में संवैधानिक मूल्‍यों के अनुरूप आतंरिक परिवर्तन के सूक्ष्‍म सिद्धांतों को भी अपनाएं।

हमारी कल्‍पना है कि जब एक युवा अपने क्षेत्र में कार्य करते हुए निजी और पेशेवर जीवन में संवैधानिक मूल्‍य युक्‍त कार्य व्‍यवहार के लिए कटिबद्ध होगा तो निश्चित ही हम एक बेहतर समाज और परिवेश का निर्माण कर पाएंगे। जब युवा कार्यकर्ता बंधुता, न्‍याय, समता, गरिमा जैसे मूल्‍यों का पालन करेंगे तो तय है कि उनके कार्य से भी ऐसा ही भाव प्रसारित होगा।

जनमित्र फेलोशिप किनके लिए?

उत्तर प्रदेश सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर एवं उत्तराखंड के देहरादून और हरिद्वार जिलों तथा निकटवर्ती जिलों के निवासी तथा क्षेत्र में कार्य करने के इच्‍छुक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए।  

फेलोशिप की अवधि: 36 माह

फेलोशिप की संख्‍या: 30  

मानेदय:  ₹12,000-₹15,000 प्रतिमाह

योग्‍यता:

  • 25 से 35 वर्ष के सामाजिक कार्य में सक्रिय युवा।
  • शैक्षणिक योग्‍यता: न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण; अधिकतम: कोई सीमा नहीं।
  • फेलोशिप अवधि में स्‍थानीय निवास अनिवार्य शर्त है।
  • संवैधानिक मूल्‍यों के प्रति आस्‍था होना आवश्‍यक है।
  • आपराधिक अतीत न हो। पूर्व में ऐसा कोई मामला हो जिसका निपटारा हो गया हो तब भी आवेदक को ऐसे हर मामले की जानकारी आवेदन के समय ही देनी होगी।
  • किसी राजनीतिक दल से संबद्धता या सक्रिय सदस्‍यता, सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने तथा राष्‍ट्र विरोधी गतिविधियों, आर्थिक अनियमितता में संलिप्‍तता नहीं होना चाहिए।
  • स्‍मार्ट फोन के सामान्‍य उपयोग में सक्षम हों।
  • हमारी प्राथमिकता में 50 फीसदी फेलो महिला कार्यकर्ता होंगी।
  • हमारी प्राथमिकता में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दिव्‍यांग जन होंगे।

फेलोशिप का उद्देश्य

  • स्थानीय प्रक्रियाओं में भाईचारे और समावेश को बढ़ावा देना
  • स्थानीय समुदाय में संवैधानिक मूल्यों के बारे में समझ विकसित करना
  • सरकारी कल्याण योजनाओं की सामुदायिक निगरानी को सुदृढ़ बनाना

फेलो से कार्य अपेक्षाएं

  • बच्चों और युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के बारे में बेहतर समझ (100%)
  • अधिकारों और सेवाओं तक बेहतर पहुँच (कम से कम 75% से अधिक)
  • ग्राम सभा में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हुई भागीदारी

अपेक्षित परिवर्तन

दिशा का प्रयास है कि जनमित्र फेलोशिप सीखने-सिखाने की एकतरफा प्रक्रिया न बने और न ही एक कागजी या यांत्रिक कार्य बन कर रह जाए। हमारा प्रयास है कि जनमित्र फेलोशिप से जुड़ा हर फेलो इस यात्रा के दौरान बेहतर नागरिक बनने की दिशा में समर्पित प्रयास करे।

इसलिए स्‍थूल कार्यों के साथ कुछ सूक्ष्‍म परिवर्तनों की कल्‍पना भी की गई है। हम आशा करते हैं कि फेलोशिप के बाद फेलो का दृष्टिकोण, विचार, कार्य-व्‍यवहार और दैनिक आचरण अधिक संवैधानिक मूल्‍यपरक होगा। उसका यह परिवर्तन केवल स्‍वयं में नहीं बल्कि उसके परिवार, समाज और कार्यों में भी स्‍पष्‍ट से परिलक्षित होगा। उसका लेखन अधिक शोधपूर्ण तथा बंधुता, न्‍याय, स्‍वतंत्रता, समता, गरिमा जैसे मूल्‍यों से परिपूर्ण होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि: 20 जुलाई 2026

आवेदन के लिए क्लिक करें:   https://forms.gle/piFZFxP7C4oYYMyV7

आवेदन के लिए स्‍कैन करें:

फेलोशिप चयन प्रक्रिया

यदि आप जनमित्र फेलोशिप की योग्‍यता पूरी करते हैं तो आप आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित गूगल फॉर्म में भेजने होंगे और वहीं पर अपना बायोडाटा अपलोड करना होगा।

चयन के पहले परिचय संवाद सत्र

आवेदन करने वाले सभी युवाओं के साथ जुलाई के अंतिम सप्ताह में परिचय संवाद सत्र रखा जाएगा। इस ऑनलाइन सत्र में परिचय, फेलोशिप के स्‍वरूप, कार्य प्रक्रिया, आदि पर चर्चा तथा संवाद किया जाएगा।

ज्‍यूरी से वन टू वन चर्चा

आवेदकों के बायोडाटा, कार्य अनुभव तथा परिचय संवाद सत्र के उपरांत मिले फीडबैक के आधार पर ज्‍यूरी फेलो का चयन करेगी। यह अगस्त के पहले पखवाड़े में आयोजित किया जाएगा।

यदि आप …

  • आप बेहतर भारतीय नागरिक बनना चाहते हैं…
  • संवैधानिक मूल्‍यों के आत्‍मबोध और चेतना विकास की प्रक्रिया का हिस्‍सा बनना चाहते हैं…
  • सामाजिक सरोकारों वाले अपने कार्य को अधिक कुशलता देने वाली 36 माह की सघन प्रक्रिया से जुड़ना चाहते हैं…
  • आप अपनी सोच, समझ और दृष्टि को विकसित करना चाहते हैं…
  • आप 36 माह में देश और प्रदेश के विभिन्‍न विशेषज्ञों से संवाद करने उनके मार्गदर्शन में अपने कार्य को अधिक स्‍पष्‍ट, अध्‍ययनपूर्ण, शोधपरक और देशहित में बनाना चाहते हैं…
  • आप 36 माह में सात पूर्णतः आवासीय शिविरों में सम्मिलित हो कर अपने विकास की राह प्रशस्‍त करना चाहते हैं…

… तो हम आपका स्‍वागत करते हैं। आइए और दिशा की स्‍वयं से समाज तक संवैधानिक मूल्‍यों को आत्‍मसात करने की इस यात्रा के सहयात्री बनिए।

हमारा निवेदन है कि आप इस मैत्री सुशासन युवा फेलोशिप की जानकारी हर उपयुक्‍त युवा तक अवश्य पहुंचाइए ताकि हम सब मिल कर अपने भारतीय नागरिक होने के बोध को विस्‍तार दे सके।